कालसर्प दोष पूजा उज्जैन
कालसर्प दोष क्या होता है?
पौराणिक मान्यताओ के अनुसार किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली मे कालसर्प दोष का बनना पूर्ण रूप से राहू और केतू की स्थिति पर निर्भर करता है। यदि कुंडली के सभी ग्रह राहू और केतू के बीच मे आ जाते है तब कुंडली मे कालसर्प दोष योग बनता है। इस योग के बनने का कारण पिछले जन्म मे किए गए पाप या किसी निर्दोष जीव की हत्या करना भी है। इस दोष के कारण व्यक्ति का जीवन संघर्षो और कठिनाइयों से भर जाता है।

कालसर्प दोष के लक्षण क्या है?
- परिवार मे बार बार लड़ाई झगड़े होना।
- मन मे नकारात्मक विचार आना।
- व्यापार मे सदैव हानि का सामना करना पड़ता है।
- परिवार मे किसी न किसी की दुर्घटना का होना।
- अपने ही सगे सम्बन्धियो से धोखा खाना।
- घर मे किसी भी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यो का न हो पाना।
- व्यक्ति के मन मे सर्प का भय सदैव बना रहता है।
- संपत्ति और धन मे लगातार हानि का होना।
- अपने किसी मृत परिजन को स्वप्न मे देखना।
- किसी भी कार्य के प्रति उत्साह अभाव।
- व्यक्ति का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।
- परिश्रम के बाद भी सफलता नहीं मिल पाती है।
- घर मे किसी सदस्य की अकाल मृत्यु का होना।
- घर मे सदैव कोई न कोई सदस्य बीमार रहता है।
- पढ़ाई लिखाई मे मन न लगना या पढ़ाई बीच मे ही छुट जाये।
- निसंतानता जैसे समस्याओ से परेशान होना।
- स्वप्न मे बार बार सर्प का दिखाई देना।
- अकेलेपन की भावना का बढ़ना।
- मानसिक शांति का न होना।
- आर्थिक स्थिति पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती है।
कालसर्प दोष के उपाय क्या क्या है?
- महामृत्युन्जय मंत्र का जाप करना चाहिए।
- सावन के महीने मे प्रतिदिन भगवान शिव जी का जलाभिषेक करना चाहिए।
- 11 सोमवार का व्रत रखना चाहिए।
- ॐ नागकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात‘ का जाप प्रतिदिन करना चाहिए।
- सर्प मंत्र और सर्प गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए।
- कालसर्प से पीड़ित व्यक्ति को अपने घर मे मोरपंख रखना चाहिए।
- हनुमान चालीसा का प्रतिदिन 11 बार पाठ करना चाहिए।
- प्रदोष तिथि के दिन शिव मंदिर मे जाकर अभिषेक करना चाहिए।
- प्रतिदिन अपने कुलदेवी या कुलदेवता की पूजा करना चाहिए।
- दोष के दुष्प्रभाव को शीघ्र कम करने के लिए जातक को नाग पंचमी के दिन व्रत रखना चाहिए।
- गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए।
- समय समय पर गरीबो को कंबल का दान करना चाहिए।
कालसर्प दोष दूर करने का 1 रामबाण उपाय क्या है?
उपर्युक्त उपायो के द्वारा कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव को कम तो किया जा सकता है, किन्तु पूर्ण रूप से समाप्त नहीं किया जा सकता है। कालसर्प दोष और इसके दुष्प्रभाव को सदैव के लिए समाप्त करने के कालसर्प दोष पूजा उज्जैन मे करवाना ही एकमात्र उपाय है। कालसर्प दोष पूजा के प्रभाव से कालसर्प दोष के कारण जीवन मे आ रही सभी परेशानिया स्वतः ही समाप्त हो जाती है।
कालसर्प दोष पूजा मे कितना खर्च आता है?
उज्जैन मे कालसर्प दोष पूजा का खर्च 2500 से लेकर 11000 रुपए तक का खर्च हो सकता है। यह आप पर निर्भर करता है, की आप किस प्रकार की व्यवस्था चाहते है। साथ यह पंडित जी पर भी निर्भर करता है, की पंडित जी दान दक्षिणा कितनी लेते है और आप पूजा मे कितने मंत्रो का उच्चारण किया जाता है। हम यह सलाह देते है, की आप पहले पंडित जी से संपर्क करके सम्पूर्ण जानकारी ले, उसी के बाद अपनी पूजा बुक करे। आज के समय मे बहुत से ऐसे पंडित जी है जो कम पैसो मे भी पूजा कर देते है। अतः आप पहले पूजा से संबन्धित सारी जानकारी प्राप्त करे उसके बाद ही अपनी पूजा बुक करे।
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पंडित जी के पास कालसर्प दोष पूजा उज्जैन के लिए लोग आते है, और अपनी समस्याओ और बाधाओ से छुटकारा पाते है। अगर आप भी अपनी किसी समस्या के समाधान के लिए पूजा करवाना चाहते है, तो नीचे दी गई बटन पर क्लिक करके पंडित जी से बात कर सकते है।
